उज्जैन। माघ मेले में मौनी अमावस्या पर्व पर स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थकों और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद घटना को लेकर पहली बार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरि महाराज का बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने शंकराचार्य के पद को लेकर भी सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा की शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जिस पद पर आसीन हुए हैं, लेकिन अभी हमारी ओर से उन्हें चादर उढ़ाना बाकी है। अभी हमने चादर उढ़ाई नहीं है। अखाड़ा परिषद के महामंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि ये घटना बहुत चिंताजनक है, इसकी दोबारा पुनरावृति ना हो इसका प्रयास करना चाहिए।
मेला अधिकारियों को क्लीन चिट
पूरे घटनाक्रम को लेकर हरिगिरि महाराज ने अपने बयान में मेला अधिकारियों को क्लीन चिट देते हुए कहा कि में मेले में तैनात विकास प्राधिकरण अध्यक्ष सभी अधिकारी नारायण और त्रिवेणी के उपासक हैं। सभी लोग धर्म और प्रयागराज को मानते हैं। वहीं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के लिए कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य के रूप में जिस पद पर आसीन हुए हैं, उसमें अखाड़ों की ओर से आपको चादर उढ़ाना बाकी है। अभी हमने उड़ाई नहीं है, हमारी परम्परा है कि समस्त 13 अखाड़े मिलकर एक बार चादर उढ़ाते हैं, परम्परा मानते हैं। आप पूरे समाज के जब होंगे जिस दिन समाज आपको चादर उढ़ाकर आप समाज को समझेंगे और समाज आपको समझेगा।