मुरैना। तीर्थाेदय क्षेत्र गोलाकोट में आयोजित विश्व शांति महा पंचकल्याणक महोत्सव का दूसरा दिन भक्ति, साधना और आध्यात्मिक उल्लास के सागर में डूबा रहा। महोत्सव के दौरान भगवान के माता-पिता की गोद भराई का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें माता-बहनों ने मंगल गीत गाकर खुशियाँ मनाईं।
महोत्सव की शुरुआत सुबह मंगलाष्टक, अभिषेक और शांति हवन के साथ हुई, जहाँ मंत्रोच्चार की गूंज से संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र पवित्र ऊर्जा से भर उठा। इसके बाद मुनिश्री की दिव्य देशना हुई, जिसमें उन्होंने जीवन में संयम और धर्म के महत्व को समझाया।
दोपहर के सत्र में सीमंतनी क्रियाएं और महिला संगीत के साथ माता की गोद भराई का भावपूर्ण आयोजन हुआ, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। साथ ही, नाट्य मंचन के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों को जीवंत किया गया और विधि-विधान के साथ नवीन मंदिर व वेदी की शुद्धि प्रक्रिया संपन्न हुई।
शाम ढलते ही आचार्य भक्ति और भव्य आरती के दीपों से पूरा परिसर जगमगा उठा। रात्रि के समय महाराजा नाभिराय का राजदरबार सजाया गया, जिसमें माता मरुदेवी द्वारा देखे गए सोलह स्वप्नों का सजीव चित्रण एलईडी के माध्यम से किया गया। नृत्य, संगीत और तत्व चर्चा के इन कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महोत्सव में बढ़ती भीड़ इस आयोजन को एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर रही है।