सरवानिया महाराज। सड़कों पर खुलेआम घूमता गोवंश वर्तमान व्यवस्था की हकीकत बयां करता है। श्रद्धा अब केवल भाषणों और चुनावी नारों तक सीमित होती जा रही है। खुले गोवंश से जहां किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं। वहीं सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। सम्पन्न किसानों ने अपने खेतों में तार फेंसिंग कर ली है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसान मवेशियों से फसल कैसे बचाएं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
क्षेत्र में गोवंश के आपसी संघर्ष, वाहनों की टक्कर से घायल होने और दुर्घटनाओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए रविवार को सरवानिया गो रक्षा दल ने पहल करते हुए शहर में विचरण कर रहे गोवंश को एकत्रित कर आदिनाथ गोशाला, मोरवन में सुरक्षित पहुंचाया। इस दौरान 15 से अधिक नंदी एवं 5 गायों को कड़ी मशक्कत के बाद ट्रॉली के माध्यम से गोशाला भेजा गया।
गो रक्षा दल के रूपलाल पाटीदार ने बताया कि गोवंश से हो रहे फसल नुकसान और दुर्घटनाओं की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी के चलते सोशल मीडिया के माध्यम से रविवार सुबह 10 बजे बस स्टैंड, नीमच-सिंगोली रोड, सदर बाजार एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठे गोवंश को एकत्रित करने का आह्वान किया गया था। हालांकि संदेश वायरल होने के बावजूद आमजन की भागीदारी सीमित रही और अधिकांश कार्य गो रक्षा दल को स्वयं करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा पूर्व में सभी नगरीय निकायों को सार्वजनिक मार्गों पर बैठे गोवंश को गोशालाओं में भेजने के निर्देश जारी किए गए थे। इन्हीं निर्देशों के पालन में गो रक्षा दल सरवानिया द्वारा यह पहल की गई। रूपलाल पाटीदार ने बताया कि अब प्रतिदिन गोवंश को एकत्र कर सुरक्षित गोशालाओं में भेजने का प्रयास जारी रहेगा।