BREAKING NEWS
NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     BIG NEWS : मंदसौर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल,.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले में पशुपालकों के लिए बड़ा प्लान,.. <<     KHABAR : वॉरियर्स पथ अकादमी सरसी के 12 मुक्केबाज.. <<     REPORT : शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर दायरे में.. <<     BIG REPORT : कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने की जिले में चल.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : राखियों की डिलीवरी के लिए डाक विभाग तैयार,.. <<     KHABAR : मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का शुभारंभ.. <<     KHABAR : शिव मंदिर मामले में कार्रवाई की मांग,.. <<     BIG REPORT : कलेक्टर ने कृषि उपज मंडी का किया.. <<     KHABAR : एक च्युइंग गम ने खोला डबल मर्डर का राज,.. <<     BIG NEWS : नीमच में मिलावटखोरों पर शिकंजा, जब.. <<     KHABAR : उज्जैन के मंदिर में 11 अगस्त को मनेगा.. <<     BIG NEWS : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा कल करेंगे.. <<     BIG NEWS : 7वां अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 27, 2026, 1:50 pm
BIG REPORT : प्राकृतिक न्याय की अनदेखी? बिना नोटिस संपत्ति नीलामी का मामला, आवेदक विकास बांगा ने जनसुनवाई में लगाई गुहार, मनासा तहसीलदार पर गंभीर सवाल, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। नीमच जिले की तहसील मनासा में तहसीलदार द्वारा बिना पूर्व सूचना संपत्ति नीलामी की कार्रवाई किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले को लेकर आवेदक विकास बांगा ने कलेक्टर नीमच को आवेदन सौंपते हुए नीलामी आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

आवेदन में बताया गया है कि आवेदक ने अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मनासा से लिया गया ऋण पूर्ण रूप से चुका दिया था, इसके बावजूद समान नाम की अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मंदसौर द्वारा कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर कुर्की का आवेदन प्रस्तुत कर दिया गया। इस संबंध में पूर्व में कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर सहकारिता विभाग द्वारा जांच कराई गई।

जांच में सहकारिता विभाग ने संस्था द्वारा गंभीर अनियमितताएं किए जाने की पुष्टि की। इसके चलते 9 जनवरी 2026 को अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मनासा का संचालक मंडल भंग कर दिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि ऋण खातों का अवैधानिक रूप से दूसरी संस्था में अंतरण किया गया था।

आवेदक का आरोप है कि प्रकरण लंबित होने और उनकी ओर से आपत्तियां प्रस्तुत किए जाने के बावजूद संपत्ति नीलामी का आदेश पारित कर दिया गया। इसकी जानकारी उन्हें 26 जनवरी को मुनादी के माध्यम से मिली, जबकि नियमानुसार नीलामी से पूर्व 15 दिवस की पूर्व सूचना देना अनिवार्य है, जिसका पालन नहीं किया गया।

आवेदक ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि यदि नीलामी प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि आपत्तियों के निराकरण तक नीलामी प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE