नीमच। नीमच जिले की तहसील मनासा में तहसीलदार द्वारा बिना पूर्व सूचना संपत्ति नीलामी की कार्रवाई किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले को लेकर आवेदक विकास बांगा ने कलेक्टर नीमच को आवेदन सौंपते हुए नीलामी आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
आवेदन में बताया गया है कि आवेदक ने अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मनासा से लिया गया ऋण पूर्ण रूप से चुका दिया था, इसके बावजूद समान नाम की अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मंदसौर द्वारा कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर कुर्की का आवेदन प्रस्तुत कर दिया गया। इस संबंध में पूर्व में कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर सहकारिता विभाग द्वारा जांच कराई गई।
जांच में सहकारिता विभाग ने संस्था द्वारा गंभीर अनियमितताएं किए जाने की पुष्टि की। इसके चलते 9 जनवरी 2026 को अक्षय क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी, मनासा का संचालक मंडल भंग कर दिया गया। जांच में यह भी पाया गया कि ऋण खातों का अवैधानिक रूप से दूसरी संस्था में अंतरण किया गया था।
आवेदक का आरोप है कि प्रकरण लंबित होने और उनकी ओर से आपत्तियां प्रस्तुत किए जाने के बावजूद संपत्ति नीलामी का आदेश पारित कर दिया गया। इसकी जानकारी उन्हें 26 जनवरी को मुनादी के माध्यम से मिली, जबकि नियमानुसार नीलामी से पूर्व 15 दिवस की पूर्व सूचना देना अनिवार्य है, जिसका पालन नहीं किया गया।
आवेदक ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि यदि नीलामी प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि आपत्तियों के निराकरण तक नीलामी प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।