नीमच। नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। नगर परिषद के 6 निर्वाचित पार्षदों ने परिषद की लोकहित की बहुमूल्य भूमि को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कर उस पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण की मांग को लेकर सीएमओ दुर्गा बामनिया को ज्ञापन सौंपा। साथ ही शासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की गई है।
पार्षदों ने बताया कि नीमच सिटी रोड, राठौर पार्क के पीछे स्थित बगीचा/खेत क्रमांक 41, 46, 46-ए एवं 47 नगर परिषद की स्वामित्वाधीन कीमती अचल संपत्ति है। वर्ष 2003 तक इस भूमि पर नगर परिषद के स्वामित्व बोर्ड लगे हुए थे। आरोप है कि कथित भू-माफियाओं ने परिषद के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की सांठगांठ से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से भूमि को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया। इस संबंध में पूर्व में भी कई शिकायतें और पत्राचार किए गए, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध गतिविधियां लगातार जारी रहीं।
अब वर्तमान नगर परिषद ने जनहित में सख्त रुख अपनाते हुए दिनांक 5 जनवरी 2026 को आयोजित विशेष सम्मेलन में उक्त भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चयनित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। ज्ञापन देने वाले पार्षदों का कहना है कि यह भूमि योजना के लिए पूरी तरह उपयुक्त है और यहां आवास निर्माण होने से शहर के गरीब और कमजोर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा।
पार्षदों ने शासन से मांग की है कि परिषद की इस बहुमूल्य भूमि का तत्काल रिक्त आधिपत्य लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत एएचपी घटक में नवीन परियोजना स्वीकृत की जाए, जिससे वर्षों से विवादित रही भूमि का उपयोग जनकल्याण के कार्यों में किया जा सके। पार्षदों ने इसे भू-माफियाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई और गरीबों को पक्का घर देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया है।
पार्षदों का कहना है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र स्वीकृति मिलती है, तो नीमच में सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो सकता है। ज्ञापन के दौरान शशि कल्याणी, योगेश कवीश्वर, आलोक सोनी, अरुण प्रजापत, रूपेंद्र लोक्स एवं गुंजन विष्णु राठौर मौजूद रहे।