नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिले में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए मनासा, सरवानिया महाराज एवं जावद क्षेत्र में स्थित तीन अनाधिकृत कॉलोनियों की भूमि में किसी भी प्रकार के अंतरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही संबंधित कालोनाइजरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने एवं अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने संबंधित नगरीय निकायों एवं एसडीएम को आदेशित किया है कि इन अनाधिकृत कॉलोनियों के संबंध में समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराई जाए, जिससे आमजन को अवगत कराया जा सके। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम एवं मध्यप्रदेश नगरपालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के नियम 22 के अंतर्गत की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जावद क्षेत्र में एसडीएम जावद द्वारा प्रस्तुत प्रकरण में कैलाशचंद्र तेली, पुष्करराज तेली एवं अभिषेक भारद्वाज द्वारा अवैध रूप से कॉलोनी विकसित कर छोटे-छोटे भूखंडों का विक्रय किया जाना पाया गया। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अनावेदकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा नियम 22(4) के अंतर्गत अनाधिकृत कॉलोनी में किए गए सभी चिन्हांकन एवं निर्माण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश एसडीएम एवं संबंधित सीएमओ को दिए हैं।
इसी प्रकार मनासा क्षेत्र में काईद जोहर के विरुद्ध पारित आदेशानुसार अनाधिकृत कॉलोनी की भूमि में किसी भी प्रकार के अंतरण पर रोक लगाई गई है। साथ ही सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराने, एफआईआर दर्ज कराने तथा अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश एसडीएम एवं संबंधित सीएमओ मनासा को दिए गए हैं।
वहीं जावद एवं सरवानिया महाराज क्षेत्र से जुड़े प्रकरण में मनोज छाबड़ा, सुभाष छाबड़ा एवं रोशनलाल जैन के विरुद्ध भी अनाधिकृत कॉलोनी विकसित करने पर भूमि अंतरण पर रोक, एफआईआर दर्ज कराने एवं अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के निर्देश एसडीएम जावद एवं संबंधित सीएमओ सरवानिया महाराज को दिए गए हैं।
कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई से जिले में अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध प्रभावी नियंत्रण स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।