खनियांधाना। धर्म संस्कृति और सामाजिक एकता के संकल्प के साथ स्थानीय धंधौरा मंदिर के सभागार प्रांगण में श्विराट हिंदू सम्मेलन एवं संत समागमश्का ऐतिहासिक आयोजन अत्यंत भव्यता के साथ संपन्न हुआ। समस्त हिंदू समाज के तत्वावधान में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में भक्ति, शक्ति और अपार जन-उत्साह का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला जिसने संपूर्ण क्षेत्र को धर्ममय कर दिया। कार्यक्रम का शंखनाद गोविंद बिहारी मंदिर से निकली विशाल एवं भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में मातृशक्ति और युवा शामिल हुए क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने न केवल इस यात्रा में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई बल्कि संतों के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद भी प्राप्त किया। यात्रा के दौरान डीजे की धुनों और ढोल-नगाड़ों की गूंज पर झूमते श्रद्धालुओं के जोश ने पूरे वातावरण को गुंजायमान कर दिया, वहीं सिर पर मंगल कलश धारण किए पीतवस्त्रधारी महिलाओं की लंबी कतारों ने नगर के मुख्य मार्गों को केसरिया और भगवा रंग से सराबोर कर दिया।
नगर भ्रमण के पश्चात यह विशाल जनसमूह धंधौरा मंदिर के सभागार प्रांगण पहुँचा, जहाँ संतों के पावन सानिध्य में विराट हिंदू सम्मेलन और संत समागम की शुरुआत हुई। मंच पर विराजमान मूर्धन्य विद्वानों और पूज्य संतों ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में हिंदू समाज को संगठित रहने, अपनी गौरवशाली परंपराओं को संजोने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रभावी संदेश दिया। संतों के वचनों को सुनने के लिए पंडाल में पैर रखने तक की जगह शेष नहीं बची थी और समूचा परिसर जय श्री राम के जयघोष से लगातार गूँजता रहा। सम्मेलन की पूर्णाहुति के पश्चात आयोजन समिति द्वारा एक विशाल भंडारे का प्रबंध किया गया था, जिसमें सेवा भाव की अनुपम मिसाल देखने को मिली। इस महाप्रसाद वितरण कार्यक्रम में खनियांधाना नगर सहित आसपास के दर्जनों ग्रामों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ पंक्तिबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन के अंत तक श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था और इस सफल आयोजन ने पूरे क्षेत्र में सामाजिक समरसता और धार्मिक एकजुटता की एक नई इबारत लिख दी है।