नीमच। भारत एक कृषि प्रधान देश है और मध्यप्रदेश में नीमच जिला उद्यानिकी के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। इसी क्रम में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, जिला नीमच द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनांतर्गत टाउन हॉल, नीमच में 28 एवं 29 जनवरी 2026 को दो दिवसीय जिला स्तरीय सेमिनार एवं कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रभावशाली आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन उप संचालक उद्यानिकी, जिला नीमच के मार्गदर्शन में किया गया।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किसानों को उद्यानिकी क्षेत्र में हो रहे नवीन नवाचारों की जानकारी दी गई। फूल, सब्जी, मसाले एवं अन्य उद्यानिकी फसलों की उन्नत एवं आधुनिक उत्पादन तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही किसानों को यह समझाया गया कि किस प्रकार लक्ष्य निर्धारित कर खेती की जाए, लागत को न्यूनतम रखते हुए अधिक लाभ कैसे अर्जित किया जा सकता है तथा फसल का उचित मूल्य स्वयं के स्तर पर कैसे सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में एक जिलादृएक उत्पाद पहल के अंतर्गत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना (पीएमएफएमई) पर विशेष चर्चा की गई। इस दौरान किसानों को बताया गया कि वे खाद्य प्रसंस्करण से जुड़कर किस प्रकार स्वयं का उद्योग स्थापित कर सकते हैं, जिससे अतिरिक्त आय के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी सृजित हो सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाएं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों की आय में उल्लेखनीय सुधार आए।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर बी.एल. कलेश, प्रधान कृषि वैज्ञानिक सी.पी. पचौरी, उप संचालक उद्यानिकी सहित विभागीय अधिकारीगण एवं जिले के बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।