चित्तौड़गढ़। उदयपुर रेंज पुलिस द्वारा संचालित “पुलिसिंग फॉर केयर ऑफ चिल्ड्रन” कार्यक्रम के तहत चित्तौड़गढ़ जिले में किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत गठित विशेष किशोर पुलिस इकाई/थाना स्तर पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की त्रैमासिक समीक्षा बैठक बुधवार को जिला परिषद् चित्तौड़गढ़ में आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने की। इस अवसर पर जिले में किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध से बचाव और जागरूकता कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।
एसपी त्रिपाठी ने बालकों और किशोरों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को विद्यालयों में जाकर बच्चों के साथ फ्रेंडली माहौल तैयार करने और पोक्सो एवं जेजे एक्ट के निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि संबंधित दस्तावेज और आदेश-पत्रावलियां राजस्थान पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
त्रिपाठी ने यह भी बताया कि 1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक पुलिस अभियान के दौरान 34 गुमशुदा व्यक्तियों को उनके परिवार को सुपर्द किया गया, जिसके लिए डीजीपी द्वारा पुलिस टीम की प्रशंसा की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवत सिंह ने बाल एवं महिला संरक्षण के लिए उपयोगी सुझाव दिए। यूनिसेफ की संभागीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने बाल संरक्षण कार्यक्रम और पोक्सो एवं जेजे एक्ट की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के उचित संरक्षण और साइबर क्राइम से बचाव के उपायों पर विशेष प्रकाश डाला।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका पालीवाल ने समिति की कार्यप्रणाली और थानावार पोक्सो लंबित प्रकरणों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। पुलिस अधीक्षक ने इन लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। बैठक में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ भी दिलवाई गई।
बैठक में जिले के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, महिला अपराध अनुसंधान प्रकोष्ठ के रामपाल शर्मा, मानव तस्करी के सहायक उपनिरीक्षक नटवर लाल, बाल कल्याण समिति के सदस्य ओमप्रकाश लक्षकार, नीता लोट, सीमा भारती, श्रम विभाग के मुकेश कुमार, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक नवीन किशोर काकडदा, काउंसलर करण जीनवल एवं कार्यक्रम टीम के दिलीप सालवी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी थानों के लिए बाल हेल्प डेस्क और प्रचार सामग्री भी प्रदान की गई।