खरगोन। जिले के कसरावद क्षेत्र में मंगलवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की कमर तोड़ दी। दोपहर बाद तेज हवा, आंधी-तूफान, बारिश और चने के आकार की ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर कसरावद, लेपा, दोगावा, अमलाथा, छोटी कसरावद, सामेडा, गवला, अहिल्यापुरा, बारदेवला सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। शाम करीब 4रू30 से 5रू30 बजे के बीच आई तेज आंधी और ओलावृष्टि से गेहूं, चना, मक्का, खरबूजा, पपीता सहित अन्य फसलें जमीन पर गिर गईं। किसानों का दावा है कि कई स्थानों पर फसलों को 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।किसान विजय राठौर ने बताया कि “रबी फसल से हम किसानों को सबसे ज्यादा उम्मीद रहती है। 20 से 25 मिनट की आंधी-ओलावृष्टि ने फसलें जमींदोज कर दीं। अब खेत खाली कराने के लिए हार्वेस्टर चलवाना पड़ेगा, जिसका खर्च भी हमें ही उठाना होगा।” किसानों ने प्रशासन से केवल राहत नहीं बल्कि वास्तविक नुकसान के अनुरूप मुआवजा देने की मांग की है।इस संबंध में पटवारी अनिल पाटीदार ने बताया कि प्रारंभिक सर्वे में तेज हवा, आंधी और ओलावृष्टि से गेहूं, मक्का, चना और पपीता की फसलों में नुकसान सामने आया है। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रस्तुत की जाएगी।वहीं सत्येंद्र बैरवा ने बताया कि तेज हवा, आंधी और ओलावृष्टि के बाद तहसीलदार, पटवारी और कृषि विभाग के अमले को निर्देशित किया गया है कि जिन क्षेत्रों में नुकसान हुआ है, वहां जाकर आकलन करें। यदि फसल क्षति पाई जाती है तो विधि अनुसार प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार करीब 15 से 16 गांवों के नाम नुकसान की सूची में सामने आ रहे हैं,ओलावृष्टि और बारिश के बाद कई खेतों में पानी भर गया है। अधिकांश फसलें पकने की अवस्था में थीं, जिससे दानों की गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से किसानों में भारी मायूसी है।