नीमच। कलेक्टर जिला नीमच हिमांशु चंद्रा के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अंकिता पंड्या के मार्गदर्शन में एसडीएम संजीव साहू के पर्यवेक्षण तथा परियोजना अधिकारी नीमच ग्रामीण इरफान अंसारी के नेतृत्व में गठित संयुक्त दल ने ग्राम जवासा में दो नाबालिग बहनों का बाल विवाह रुकवाकर सराहनीय कार्रवाई की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 29 जनवरी 2026 को ग्राम जवासा में दो बहनों का विवाह प्रस्तावित था, जिनमें एक बारात राजस्थान से तथा दूसरी बारात मोरका, विकासखंड जावद से आने वाली थी। दोनों बालिकाओं की आयु क्रमशः 16 एवं 17 वर्ष पाई गई। बालिकाएं मूलतः राजस्थान की निवासी हैं, जो विवाह के उद्देश्य से अपने मामा के घर ग्राम जवासा आई हुई थीं।
संयुक्त दल की कार्रवाई
संयुक्त दल द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया गया तथा उपस्थित जनसमुदाय को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। दल ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनी अपराध है और इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। मौके पर उपस्थित बालिकाओं के पिता एवं ननिहाल पक्ष के व्यक्तियों ने स्वीकार किया कि उनके पास बालिकाओं की आयु संबंधी कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं है तथा दोनों बालिकाएं 18 वर्ष से कम आयु की हैं।
कानूनी प्रावधानों से अवगत कराए जाने के पश्चात बालिकाओं के पिता एवं ननिहाल पक्ष ने प्रस्तावित विवाह को स्थगित करने की सहमति व्यक्त की। साथ ही यह भी स्वीकार किया गया कि भविष्य में समयपूर्व विवाह कराए जाने की संपूर्ण जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी। उक्त कार्रवाई के संबंध में मौके पर पंचनामा तैयार किया गया।
संयुक्त दल में ये रहे शामिल-
संयुक्त दल में उप निरीक्षक मदनलाल सिंघाड़, राजस्व निरीक्षक अक्षय शर्मा, पंचायत समन्वय अधिकारी एन.के. कुमार शर्मा, पर्यवेक्षक इंदु सोनी, पिंकी भाटिया, पटवारी मनोज चौहान, स्वास्थ्य सेक्टर सुपरवाइजर सुरेश कारपेंटर, एमपीडब्ल्यू विनोद तिवारी, पंचायत सचिव मेघवाल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नागकन्या सेन एवं आशा कार्यकर्ता संगीता मालवीय शामिल रहे।