नीमच। शासकीय मेडिकल कॉलेज में आज हालात तनावपूर्ण हो गए, जब पिछले दो माह से वेतन न मिलने से परेशान आउटसोर्स कर्मचारी कॉलेज परिसर में धरने पर बैठ गए। सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी और अन्य कर्मचारी साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं होगा, तब तक काम पूरी तरह बंद रहेगा।

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि लगातार दो महीने से वेतन न मिलने के कारण 80 कर्मचारियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। घर चलाना मुश्किल हो गया है, बच्चों की पढ़ाई, किराया, राशन और दवाइयों के लिए उन्हें उधार लेना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने आउटसोर्स कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वेतन समय पर नहीं मिलता और मांग करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। इससे कर्मचारी डर और दबाव में काम करने को मजबूर हैं।

मेडिकल कॉलेज के डीन ने कर्मचारियों से बात की। वहीं, आउटसोर्स कंपनी के सुपरवाइजर प्रदीप देवड़ा ने स्वीकार किया कि कर्मचारियों का करीब 12 लाख रुपए वेतन बकाया है। उन्होंने बताया कि रतलाम स्थित कंपनी मैनेजर से बातचीत की गई है और आज ही वेतन भुगतान के प्रयास किए जा रहे हैं।

धरने के चलते मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। कर्मचारियों ने मांग की है कि आउटसोर्स व्यवस्था पर सख्त निगरानी रखते हुए समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान ट्रेड यूनियन के नेता शैलेंद्र सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे।
