मुरैना। यूजीसी बिल के काले कानून के विरोध में आज गुरुवार को स्वर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शहर में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। बस स्टैंड से पुरानी कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में समर्थक मौजूद रहे। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “बीजेपी मुर्दाबाद” और “काला कानून मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया।
प्रदर्शनकारी हाथों में प्रतीकात्मक शक्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंचकर सवर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी का यह कानून बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह काला कानून जल्द वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव तक इसकी चिंगारी पहुंच चुकी है। सवर्ण एकता संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ता लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर आमजन को यूजीसी बिल की जानकारी दे रहे हैं और लोगों को आंदोलन से जोड़ रहे हैं। गुरुवार करीब दो बजे बताया गया कि यह आंदोलन सवर्ण समाज का है और इसे मजबूती से लड़ा जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर सरकार ने यूजीसी का यह काला कानून वापस नहीं लिया तो सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन किया जाएगा और पूरे देश में हड़कंप मचा दिया जाएगा।