चित्तौड़गढ़। विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने गुरुवार को राजस्थान विधानसभा में अफीम किसानों से जुड़ा गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग के अधिकारी डोडा चूरा नष्ट करने के नाम पर किसानों को बेवजह परेशान कर रहे हैं और अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
विधायक ने कहा कि मेवाड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ अफीम की खेती है, जिससे हजारों किसान परिवारों की आजीविका चलती है। किसानों को अपराधी की तरह ट्रीट करना गलत है और इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।
आक्या ने आठ साल पुराने डोडा चूरा का हिसाब मांगे जाने को अन्यायपूर्ण और अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि डोडा चूरा छह महीने से एक साल में ही खराब हो जाता है, ऐसे में आठ साल पुराना डोडा चूरा होना असंभव है। इस तरह की मांग से किसानों में पट्टा निरस्त होने का डर पैदा हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले सरकार डोडा चूरा तौलने पर किसानों को भुगतान करती थी, लेकिन अब न तो खरीद हो रही है और न ही नष्टीकरण के बदले कोई मुआवजा दिया जा रहा है। विधायक ने मांग की कि यदि डोडा चूरा तौला या नष्ट किया जाता है तो किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।