BREAKING NEWS
NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     BIG NEWS : मंदसौर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल,.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले में पशुपालकों के लिए बड़ा प्लान,.. <<     KHABAR : वॉरियर्स पथ अकादमी सरसी के 12 मुक्केबाज.. <<     REPORT : शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर दायरे में.. <<     BIG REPORT : कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने की जिले में चल.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     KHABAR : राखियों की डिलीवरी के लिए डाक विभाग तैयार,.. <<     KHABAR : मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का शुभारंभ.. <<     KHABAR : शिव मंदिर मामले में कार्रवाई की मांग,.. <<     BIG REPORT : कलेक्टर ने कृषि उपज मंडी का किया.. <<     KHABAR : एक च्युइंग गम ने खोला डबल मर्डर का राज,.. <<     BIG NEWS : नीमच में मिलावटखोरों पर शिकंजा, जब.. <<     KHABAR : उज्जैन के मंदिर में 11 अगस्त को मनेगा.. <<     BIG NEWS : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा कल करेंगे.. <<     BIG NEWS : 7वां अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 30, 2026, 2:21 pm
KHABAR : करहिया में खाद वितरण में भगदड़ जैसे हालात, खाद लेने की होड़ में किसानों में की मारपीट, भारी अव्यवस्था से बेकाबू हुई भीड़, पढे़ खबर 

Share On:-

रीवा। ग्राम पंचायत करहिया को खाद वितरण केंद्र बनाए जाने के बाद वहां खाद लेने पहुंचे किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। खाद पाने की होड़ में किसान आपस में भिड़ गए और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।


बाल-बाल टला बड़ा हादसा
गनीमत यह रही कि भीड़ के दबाव में कोई व्यक्ति कुचला नहीं गया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार हालात काफी देर तक बेकाबू बने रहे।


प्रशासनिक व्यवस्था रही नाकाफी
खाद वितरण केंद्र पर भीड़ नियंत्रण, लाइन व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर नहीं आए। सीमित संसाधनों और कमजोर प्रशासनिक व्यवस्था के चलते हालात को संभालने में काफी परेशानी हुई। इस समय रबी सीजन चल रहा है और किसान गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों के लिए खाद की व्यवस्था में जुटे हैं। इसी वजह से बड़ी संख्या में किसान खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे थे।


यूरिया डालने का यह है सही समय
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार रबी फसलों में बुवाई के समय अक्टूबर-नवंबर में डीएपी और पोटाश का उपयोग किया जाता है, जबकि बुवाई के 30 से 45 दिन बाद दिसंबर-जनवरी में पहली या दूसरी सिंचाई के समय यूरिया डालना सबसे उपयुक्त होता है। यूरिया की आवश्यकता के चलते करहिया खाद वितरण केंद्र पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई, लेकिन वितरण व्यवस्था उसी हिसाब से नहीं बढ़ाई गई।


किसानों ने उठाए प्रशासन पर सवाल
किसानों का आरोप है कि यदि खाद वितरण की पहले से सही योजना बनाई जाती और पर्याप्त कर्मचारी व सुरक्षा बल तैनात किए जाते, तो इस तरह की अव्यवस्था और मारपीट की नौबत नहीं आती। घटना के बाद किसान संगठनों और ग्रामीणों ने मांग की है कि खाद वितरण केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ, पुलिस बल और टोकन या लाइन व्यवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE