मंदसौर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (शहीद दिवस) के पावन अवसर पर राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा “स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जी.एस. चौहान ने उपस्थित जनसमुदाय को कुष्ठ रोग उन्मूलन एवं रोगियों के प्रति सामाजिक भेदभाव समाप्त करने की सामूहिक शपथ दिलाई। यह विशेष अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जी.एस. चौहान ने कहा कि कुष्ठ रोग कोई दैवीय प्रकोप या छुआछूत की बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य रोग है जिसका पूर्ण उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य गांव, पंचायत और पूरे जिले को कुष्ठ मुक्त बनाना है। यदि शरीर पर किसी भी प्रकार का सुन्न दाग या धब्बा दिखाई दे, तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। उन्होंने अपील की कि कुष्ठ रोगियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि कुष्ठ रोग की जांच एवं उपचार की सुविधा जिले के सभी शासकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर पूर्णतः निरूशुल्क उपलब्ध है। अभियान अवधि के दौरान स्वास्थ्य कर्मी गांव-गांव जाकर शंकास्पद रोगियों की पहचान करेंगे। समय पर पहचान एवं एमडीटी (मल्टी ड्रग थैरेपी) उपचार से कुष्ठ रोग को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान जगदीश खींची एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा “हम सबने यह ठाना है, कुष्ठ रोग मिटाना है” जैसे जागरूकता नारों के माध्यम से जनमानस को प्रेरित किया गया। खींची ने आमजन, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की।
इस अवसर पर जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. सिद्धार्थ पाटीदार, पूर्व जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. ए.के. नकुम, जिला मीडिया अधिकारी डॉ. एम.एल. कश्यप, राकेश शर्मा, मनीष शर्मा, पवन दलोर, मनोज पांडे सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।