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January 30, 2026, 6:08 pm
KHABAR : बड़े भाई को नौकरी मिल जाने के बाद छोटे को भी मिली अनुकंपा नियुक्ति, आरोपी को 10 साल की सजा, सवा लाख जुर्माना भी लगाया, पढे़ खबर 

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ग्वालियर। जिला कोर्ट ने फर्जी दस्तावेज और शासन को गुमराह करते हुए अनुकंपा नियुक्ति हासिल करने के मामले में सुनवाई पूरी की है। पिता की मौत के बाद बड़े भाई को अनुकंपा नियुक्ति मिल जाने के बावजूद दूसरी अनुकंपा नियुक्ति हासिल करने के मामले में ग्वालियर कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 01 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।


सहायक शिक्षक पर अनुकंपा नियुक्ति हासिल कर ली
दरअसल ग्वालियर के रहने वाले हरिशंकर श्रीवास्तव का 1988 में निधन हो गया था उनकी मौत के बाद बड़े बेटे सुनील श्रीवास्तव को 1991 में अनुकंपा नियुक्ति मिली। साल1995 में छोटे बेटे अनिल श्रीवास्तव ने बड़े भाई को अनुकंपा नियुक्ति मिलने की बात छिपाकर खुद भी सहायक शिक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति हासिल कर ली। इस फर्जीवाड़े की शिकायत हरेंद्र सिंह सिकरवार द्वारा 2017 में की गई, जिसके बाद जांच कमेटी बनी और 17 अक्टूबर 2018 को ग्वालियर के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ।


साल 2017 में अनिल श्रीवास्तव ने वीआरएस ले लिया
हालांकि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही शिकायत के बाद साल 2017 में अनिल श्रीवास्तव ने वीआरएस ले लिया था। ऐसे में सभी सबूत और ट्रायल को पूरा करते हुए कोर्ट ने तथ्य छुपाने और शासन को गुमराह करते हुए फर्जी तरह से अनुकंपा नियुक्ति हासिल करने पर हरिशंकर श्रीवास्तव के छोटे बेटे अनिल श्रीवास्तव को 10 साल कारावास और 1,25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।

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