नीमच। शहर की सड़कों पर जनता की गाढ़ी कमाई के दुरुपयोग के खिलाफ पार्षद योगेश प्रजापति ने मोर्चा खोल दिया है। प्रजापति ने नगर पालिका के उस काले खेल को उजागर किया, जिसमें घटिया निर्माण के सबूतों को मिटाने के लिए डामर की चादर बिछाई जा रही थी।

भ्रष्टाचार की परतों पर डामर-
पार्षद योगेश प्रजापति ने मौके पर पहुंचकर तथ्यों के साथ यह दिखाया कि किस तरह सड़कों पर भ्रष्टाचार को दफनाया जा रहा है। पार्षद ने बताया कि लाखों रुपये की लागत से लगाए गए प्लास्टिक स्पीड ब्रेकर्स कुछ ही समय में टूटकर बिखर गए। प्रजापति ने आरोप लगाया कि पुराने टूटे ब्रेकर्स की जांच करने के बजाय उनके ऊपर आनन-फानन में डामर बिछा दिया गया। यह केवल डामरीकरण नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के निशानों को मिटाने की सोची-समझी साजिश है।

मिलीभगत का खेल-
बिना किसी जवाबदेही के दोबारा उसी स्थान पर लीपापोती करना दर्शाता है कि नगर पालिका और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ गहरी है। योगेश प्रजापति ने मौके पर आक्रोश जताते हुए कहा यह सड़कों का सुधार नहीं, बल्कि जनता के पैसे पर फेरा गया पानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा के नाम पर स्वीकृत बजट को डामर के नीचे दबाकर भ्रष्टाचार छुपाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रजापति ने जनता के सामने यह सच रखा कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर सड़कों पर केवल कागजी और दिखावटी काम किया जा रहा है। उनके इस खुलासे के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। पार्षद योगेश प्रजापति ने साफ कर दिया है कि नीमच की जनता के पैसे का इस तरह बंदरबांट और भ्रष्टाचार की लीपापोती अब और नहीं चलेगी।
