नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में लगातार नौवां केंद्रीय बजट (बजट 2026) पेश किया। उनका बजट भाषण करीब 85 मिनट तक चला। बजट में बुनियादी ढांचे, मैन्युफैक्चरिंग, स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर विशेष जोर दिया गया।
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाए जाएंगे। साथ ही आम जनता को राहत देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंसर की 17 दवाइयों पर कोई कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी।
बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं
नया फ्रेट कॉरिडोर: पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए नया मालगाड़ी कॉरिडोर।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स तय, जो पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ से अधिक है।
रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर।
टेक्सटाइल सेक्टर: देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
दवा क्षेत्र में ‘शक्ति’: 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से बायो-फार्मा शक्ति योजना, तीन नए संस्थान खुलेंगे।
सेमीकंडक्टर मिशन: भारत लॉन्च करेगा ISM 2.0।
इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर: मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये।
इन 6 क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का फोकस
रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन
MSME को ग्लोबल चैंपियन बनाना
सड़कों-रेलवे सहित इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती
आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता
शहरों का व्यापारिक विकास
बजट के 3 मुख्य विजन
रफ्तार: उत्पादकता बढ़ाकर विकास की गति तेज करना
क्षमता: लोगों की काबिलियत निखारना
सबका साथ: हर परिवार तक कमाई के अवसर पहुंचाना
अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड
आत्मनिर्भर भारत: मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत
7% विकास दर: सुधारों से तेज आर्थिक वृद्धि
12 वर्षों की स्थिरता: महंगाई नियंत्रण में
वैश्विक चुनौतियां: ट्रेड और सप्लाई चेन संकट के बावजूद ‘विकसित भारत’ की ओर निरंतर कदम