देवास। प्रदेशभर में चलाए जा रहे “ऑपरेशन मैट्रिक्स” के तहत देवास पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। औद्योगिक थाना पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों के 9 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीरसिंह भदौरिया और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी शशीकांत चोरसिया टीम सहित ने 8 जनवरी को गंगानगर स्थित होटल “श्री जी” में दबिश दी। यहां से पांच आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन उजागर हुए।
डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस ने गिरोह के 4 सीनियर एजेंटों को भी गिरफ्तार किया है। सभी 9 आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
कार्रवाई में पुलिस ने ₹2 लाख नगद, ₹13 लाख की ठगी की राशि बैंक खातों में फ्रीज़, 19 अत्याधुनिक एंड्रॉइड मोबाइल, चेकबुक, एटीएम कार्ड, अहम दस्तावेज, वाई-फाई बॉक्स, सील मुहर और टाटा नेक्सॉन कार जप्त की है।
कुल ₹29.77 लाख की संपत्ति जप्त और फ्रीज़ की गई है।
जांच में सामने आया कि आरोपी युवाओं को लालच देकर उनके बैंक खाते किराये पर लेते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठग टेलीग्राम के जरिए शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर ठगी गई रकम ट्रांसफर करने में करते थे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराना भी गंभीर अपराध है। जिले को “म्यूल अकाउंट मुक्त” बनाने की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा। अन्य संदिग्धों की तलाश में जांच जारी है