प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन के अवसर पर भव्य शोभायात्रा एवं मंगल कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को समर्पित एक महाकुंभ उत्सव के रूप में संपन्न हुआ।
दोपहर 3 बजे राजराजेश्वरी मंदिर, आज़ाद चौक (नई आबादी) से प्रारंभ हुई शोभायात्रा हायर सेकेंडरी चौराहे से होती हुई आनंद विहार स्थित गुलशन बिल्डिंग के पीछे आयोजित धर्मसभा स्थल पर पहुँची, जहां शोभायात्रा धर्मसभा में परिवर्तित हो गई।
धर्मसभा में राष्ट्रीय संत मुकेश मोलवा (इंदौर) एवं मेवाड़ पीठासीन परम पूज्य गुरुदेव श्री 1008 श्री सुदर्शनानंद आचार्य महाराज (बड़ी सादड़ी) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संतों ने अपने आशीर्वचनों में धर्म, संस्कृति एवं सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
शोभायात्रा में हजारों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर सहभागिता की। वहीं बच्चों ने घोड़े, जीप एवं बग्गी में सवार होकर विभिन्न देवी-देवताओं के रूप धारण किए। शिव भक्तों द्वारा प्रस्तुत तांडव नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह ऐतिहासिक शोभायात्रा पूर्ण अनुशासन और मर्यादा के साथ निकाली गई। आयोजन समिति ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
केशव बस्ती के तत्वावधान में आयोजित इस विराट हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू जागरण को नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करना रहा। इस अवसर पर सर्व हिंदू समाज ने सनातन धर्म, संस्कृति एवं सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।
समाजसेवी किशोर छाबड़ा ने बताया कि मंगल कलश यात्राएं शहर के विभिन्न क्षेत्रों से अलग-अलग समय पर प्रारंभ होकर मुख्य शोभायात्रा में सम्मिलित हुईं।