खरगोन। पत्रकारिता के सम्मान, जनहित के मूल्यों और संगठित एकता के विराट संकल्प के साथ भारतीय पत्रकार संघ ‘एआईजे’ के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय पत्रकार सम्मान एवं कल्याण महोत्सवदृ2026 ने न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के पत्रकार जगत में एक नई चेतना, आत्मविश्वास और दिशा का संचार किया।
अभ्युदय यूनिवर्सिटी परिसर, खरगोन में संपन्न इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से 1000 से अधिक पत्रकारों की रिकॉर्ड सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब पत्रकार संगठित होते हैं, तब वे केवल समाचार नहीं रचते, बल्कि इतिहास का निर्माण करते हैं।
यह महोत्सव पत्रकारिता को केवल एक पेशा नहीं, बल्कि लोकतंत्र का प्रहरी, राष्ट्र निर्माण का आधार और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त माध्यम मानने वाली विचारधारा का जीवंत उदाहरण बना।
दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंचासीन अतिथियों ने माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलित कर पत्रकारिता को ज्ञान, विवेक और सत्य के मार्ग पर अग्रसर रखने का संकल्प लिया। यह क्षण पूरे सभागार को सकारात्मक ऊर्जा और गरिमा से भर देने वाला रहा।
स्वागत उद्बोधन- एआईजे के 12 वर्षों का स्वर्णिम सफर
भारतीय पत्रकार संघ ‘एआईजे’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सेन ने स्वागत भाषण में संगठन की 12 वर्षों की संघर्षपूर्ण और उपलब्धिपूर्ण यात्रा को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि
एआईजे अब तक 555 वृहद आयोजन कर चुका है
संगठन देश के 575 से अधिक जिलों में सक्रिय है
पत्रकारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए 27 से अधिक प्रमुख अस्पतालों से एमओयू किए गए हैं
उन्होंने कहा, “सिर्फ एक व्हाट्सएप आमंत्रण पर 1000 से अधिक पत्रकारों की उपस्थिति एआईजे पर पत्रकार समाज के अटूट विश्वास का प्रमाण है।”
प्रमुख वक्ता- संघर्ष से सम्मान तक की यात्रा
कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता, वरिष्ठ खोजी पत्रकार पुष्पेंद्र वैद्य ने एआईजे के संघर्षपूर्ण सफर को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि संगठन ने उस समय पत्रकारों की आवाज उठाई, जब वे असुरक्षित और असंगठित थे। उन्होंने कहा कि “संगठित पत्रकारिता ही भविष्य की मजबूत पत्रकारिता है और एआईजे इस दिशा में एक सशक्त स्तंभ बन चुका है।”
संरक्षक का वक्तव्य- एआईजे सबसे बड़ा पत्रकार हितैषी संगठन
कार्यक्रम संरक्षक एवं नवभारत समूह के संपादक क्रांति चतुर्वेदी ने कहा कि एआईजे आज देश का सबसे बड़ा पत्रकार हितैषी संगठन बन चुका है। उन्होंने संस्थापक अध्यक्ष विक्रम सेन की दूरदृष्टि और संगठनात्मक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि “विश्वास की नींव पर खड़ा संगठन ही लंबे समय तक टिकता है।”
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
गौरव अतिथि हीरालाल अलावा (विधायक) ने पत्रकारों को लोकतंत्र की आत्मा बताते हुए उनके हितों के लिए प्रतिबद्धता जताई। विशिष्ट अतिथि केदार डावर (विधायक) ने कहा कि अपने 40 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पत्रकारों को एक मंच पर देखा है। उद्घाटनकर्ता बालकृष्ण पाटीदार (विधायक, खरगोन) ने इसे शहर के इतिहास का अविस्मरणीय क्षण बताया।
वरिष्ठ पत्रकारों का मार्गदर्शन
वरिष्ठ संपादक हेमंत पाल और वरिष्ठ पत्रकार तेजकुमार सेन ने पत्रकारिता के विकास में संगठन की भूमिका और एकता की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य अतिथि का संबोधन
डिजियाना न्यूज चौनल के एडिटर-इन-चीफ ने पत्रकारों की कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता की सराहना करते हुए एआईजे के प्रयासों को “दमदार, जानदार और सार्थक” बताया।
आध्यात्मिक सान्निध्य
त्रिकालदर्शी रामलला सरकार (अयोध्या) ने कहा कि पत्रकार राष्ट्र के लिए अपने समय का दान करते हैं और यह राष्ट्रभक्ति का सर्वाेच्च स्वरूप है।
पत्रकारों के लिए कल्याणकारी घोषणाएं
अभ्युदय यूनिवर्सिटी, संकुश हॉस्पिटल रतलाम, रक्षा हॉस्पिटल खरगोन, एसएमएस हॉस्पिटल अहमदाबाद, पारुल यूनिवर्सिटी गोवा सहित कई संस्थानों ने पत्रकारों के लिए चिकित्सा, शिक्षा और सहयोग से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की।
सम्मान समारोह
कार्यक्रम में 1000 से अधिक पत्रकारों को सम्मान ट्रॉफी, प्रमाण पत्र, बैज और पुष्पवर्षा के साथ सम्मानित किया गया। साधना न्यूज चौनल द्वारा एक्सीलेंस अवॉर्ड प्रदान किए गए।
अभ्युदय यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों और अतिथियों का भी गरिमामय सम्मान किया गया।
आभार और समापन
एआईजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजीजुद्दीन शेख ने आभार व्यक्त किया। प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र अग्निहोत्री सहित सभी राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों के सहयोग से यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। डिजियाना न्यूज द्वारा लाइव प्रसारण किया गया।
एक आंदोलन के रूप में उभरा महोत्सव
एआईजे के राष्ट्रीय संगठन सचिव भूपेंद्र जादौन ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पत्रकारिता की एकता, सम्मान और कल्याण का राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। भारतीय पत्रकार संघ ‘एआईजे’ ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि स्पष्ट उद्देश्य, मजबूत संगठन और ईमानदार नीयत से परिवर्तन संभव है।