नीमच। जिले के जावद क्षेत्र सहित आसपास के कई गांवों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। दड़ौली, मांडा, झिरमिर, महेन्द्री, जनकपुर, चड़ोल और सकतपुरिया क्षेत्रों में तेज बारिश और बड़े ओले गिरने से गेहूं, धनिया, अफीम, चना, रायड़ा और संतरा सहित अनेक फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
प्रभावित किसानों ने बताया कि जनकपुर क्षेत्र में संतरे की फसल लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई है। जो संतरा बाजार में 40 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था, उसे नुकसान के कारण मजबूरी में 15 रुपये प्रति किलो तक बेचना पड़ा। कई खेतों में फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हुए हैं।
किसानों ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि राजस्व विभाग एवं नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीमें तत्काल खेतों में भेजकर नुकसान का वास्तविक सर्वे करें, ताकि किसानों को शीघ्र राहत मिल सके।
साथ ही किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत जल्द से जल्द क्लेम दिलाने तथा राज्य शासन से विशेष मुआवजा पैकेज घोषित करने की मांग भी की है। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल मिल सके और आगामी फसल की तैयारी प्रभावित न हो।