नीमच। जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में रावण रूंडी क्षेत्र के प्रार्थी बाबूलाल सहित अन्य ग्रामीणों ने आवेदन देकर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रार्थियों का कहना है कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा नामांतरण आवेदन निरस्त किए जाने के बावजूद संबंधित भूमि का नाम उसी दिन खसरे में दर्ज कर दिया गया।
आवेदन के अनुसार ग्राम चौथखेड़ा स्थित सर्वे नंबर 398/1, रकबा 0.45 हेक्टेयर भूमि पर प्रार्थीगण का स्वामित्व और आधिपत्य है। आरोप लगाया गया है कि सुनील, मुकेश, सीमा पिता लक्ष्मीनारायण तथा नेमीचंद पिता घीसालाल द्वारा बिना बंटवारे और बिना जानकारी के उक्त कृषि भूमि का विक्रय कर दिया गया।
प्रार्थियों के अनुसार, जानकारी मिलने पर उन्होंने 19 और 20 जनवरी 2026 को नामांतरण के विरुद्ध लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। मामले में तहसीलदार नीमच नगर न्यायालय ने 20 जनवरी 2026 को नामांतरण आवेदन निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद आरोप है कि उसी दिन खसरे में नामांतरण का इंद्राज कर दिया गया।
प्रार्थीगण ने बताया कि उन्होंने 28 जनवरी को अनुविभागीय अधिकारी को भी आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर जनसुनवाई में मामला उठाया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि खसरे से गलत इंद्राज तत्काल हटाकर पूर्व स्थिति बहाल की जाए और जिस स्तर पर त्रुटि हुई है, उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।