खनियांधाना। बुंदेलखंड की पावन धरा और धर्मनगरी खनियांधाना एक नए स्वर्णिम इतिहास की साक्षी बनने जा रही है। आगामी 10 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक यहाँ श्री 1008 श्रीमज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा, त्रयगजरथ महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ का दिव्य आयोजन मुनि पुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज एवं मुनि 108 श्री निरापद सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक महोत्सव के संबंध में श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर की धर्मशाला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की भव्यता और तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महोत्सव समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र जैन मोदी, स्वागत अध्यक्ष भानु कुमार चौधरी, महामंत्री मनोज जैन चौधरी, मीडिया प्रभारी संजीव जैन चौधरी और सहसंयोजक प्रवीण जैन चमरौआ ने संयुक्त रूप से बताया कि यह आयोजन राष्ट्रहित चिंतक आचार्य गुरुवर 108 श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से संपन्न हो रहा है। मुनिश्री के पदार्पण से पूरी अयोध्या नगरी यानी हाई स्कूल ग्राउंड भक्ति के अनुपम रंग में सराबोर हो चुका है और नगर के कण-कण में भारी उत्साह व्याप्त है।
सात दिवसीय इस महापर्व का शुभारंभ 10 फरवरी को गगनभेदी जयकारों के साथ भव्य ध्वजारोहण और पदयात्रा से होगा। इसके पश्चात प्रतिदिन जैन आगम के अनुसार भगवान के गर्भ, जन्म, तप और ज्ञान कल्याणक की मांगलिक क्रियाएं श्रद्धापूर्वक संपन्न की जाएंगी। महोत्सव का सबसे प्रतीक्षित और भावुक कर देने वाला क्षण 14 फरवरी को आएगा, जब श्रद्धालुओं को मुनि 108 श्री निरापद सागर जी महाराज के भव्य पिछिका परिवर्तन समारोह का साक्षी बनने का दुर्लभ सौभाग्य प्राप्त होगा। आयोजन का समापन 16 फरवरी को मोक्ष कल्याणक के साथ होगा, जिसमें ऐतिहासिक त्रयगजरथ फेरी निकाली जाएगी। इस दौरान तीन विशाल गजरथों पर सवार होकर भगवान की प्रतिमाएं नगर भ्रमण करेंगी, जो खनियांधाना के इतिहास में एक अलौकिक और अविस्मरणीय दृश्य प्रस्तुत करेगा।
समिति के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि महोत्सव की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं और पूरे उत्साह के साथ कार्य पूर्ण किए जा रहे हैं। आयोजन स्थल को भव्य श्अयोध्या नगरीश् का स्वरूप दिया गया है, जहाँ देश के कोने-कोने से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए आवास, भोजन और सुरक्षा की व्यापक व चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं। इस धार्मिक अनुष्ठान में देश के प्रतिष्ठित विद्वान और विशिष्ट अतिथि भी सम्मिलित होकर धर्म की प्रभावना को जन-जन तक पहुँचाएंगे। विश्व शांति महायज्ञ के माध्यम से संपूर्ण जगत के कल्याण की मंगल कामना की जाएगी। अब समस्त नगरवासी उस पावन घड़ी की प्रतीक्षा कर रहे हैं जब जयकारों की गूँज के बीच प्रभु की प्रतिष्ठा और गुरुवाणी का अमृत बरसेगा।
खनियाधाना से मुकेश प्रजापति की रिपोर्ट