मुरैना। यूजीसी के विरोध में आज मुरैना जिले में सर्वण समाज द्वारा व्यापक प्रदर्शन किया गया। विरोध के चलते पूरे शहर का बाजार पूरी तरह बंद रहा। सुबह से ही व्यापारिक इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा और जनजीवन प्रभावित नजर आया।
शहर के प्रमुख बाजार सदर बाजार, लोहिया बाजार, फसरी बाजार और सिकरवारी बाजार पूरी तरह बंद रहे। जिले के अन्य इलाकों में भी दुकानों के शटर नहीं खुले। मेडिकल स्टोर सहित अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रखे गए, जिससे विरोध की गंभीरता साफ दिखाई दी।
यूजीसी के विरोध में व्यापारियों ने भी सर्वण समाज को अपना समर्थन दिया। व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे सर्वण समाज के लोगों ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मोदी सरकार यूजीसी के नाम पर एक काला कानून जबरदस्ती समाज पर थोपना चाहती है, जिसे वे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे। समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
मुरैना पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डाबर और नगर पुलिस अधीक्षक दीपाली चंदोलिया स्वयं फील्ड में मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ पैदल पेट्रोलिंग की और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। सभी प्रदर्शनकारियों ने कानून का पालन किया और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनी। पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना रही, जिसमें पुलिस पूरी तरह सफल रही।
पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने बताया कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे और लगातार पेट्रोलिंग की गई, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं घटी। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
कुल मिलाकर यूजीसी के विरोध में मुरैना में आज सर्वण समाज का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाजार बंदी के चलते शहर का सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।