सिंगोली। तहसील के ग्राम धारड़ी में ग्रामीण नेटवर्क से परेशान हैं। 5जी, 4जी के जमाने में भी ग्रामीणों को यहां 2जी के नेटवर्क के लिए भी कोई टावर नसीब नहीं हो रहा। वर्तमान समय में सरकार द्वारा हर कार्य को ऑनलाइन कर दिया है। टॉवर के अभाव में नेटवर्क नहीं मिलने के कारण किसी भी योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण महेश टेलर ने बताया कि उपभोक्ताओं से मोबाइल कंपनियां तो पूरा पैसा वसूल कर रही हैं परन्तु सुविधा के नाम पर जीरो है। केंद्र सरकार हर सेक्टर में ऑनलाइन होने का दावा करती है परन्तु धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। ग्राम धारडी में टॉवर नहीं होने के कारण नेटवर्क के लिए हमें पेड़ों पर चढ़कर या किसी ऊंची जगह पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नेटवर्क नहीं होने की वजह से आमजन को सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। आज ग्रामीण राशन की दुकान पर सुबह से से शाम तक अपना काम छोड़कर राशन लेने के लिए लाइन में लगता है लेकिन नेटवर्क नहीं मिलने के कारण उसे बिना राशन लिए ही घर जाना पड़ता है। ऐसी कई प्रकार की समस्याओं का सामना नेटवर्क नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। धारड़ी ग्राम से 3 से 5 किमी पर सभी नेटवर्क लगे हुए हैं लेकिन उनका भी नेटवर्क यहां तक नहीं मिलता। कोई भी मोबाइल कंपनी इस ओर ध्यान नहीं देती। इस संबंध में पिछले वर्ष भी ग्रामीणों ने नेटवर्क को लेकर मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज को सरकार के कारिंदो तक पहचाने का प्रयास किया था लेकिन सुविधा देने के बजाय में एकमात्र आइडिया कम्पनी का टॉवर भी हटा लिया गया। आज एक वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्राम धारडी के रहवासी केंद्र सरकार के डिजीटल इंडिया और न्यू इंडिया में अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं।
इस ओर ना तो कोई जनप्रतिनिधि ध्यान देने को तैयार है और नहीं कोई अधिकारी। नेटवर्क नहीं होने के कारण बच्चों के स्कूल व कॉलेज के ऑनलाइन आवेदन करने के लिए धारड़ी से 15 किमी दूर जाना पड़ता है। आज 5जी के समय में भी नेटवर्क नही मिल रहा है। आजादी के 70 साल बाद भी गांव में किसी भी मोबाइल कंपनी का टॉवर नहीं होना और नेटवर्क नहीं आना यह डिजिटल इंडिया और न्यू इंडिया में क्षेत्र के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के मुंह पर कालिख है जिसे क्षेत्र में टॉवर लगाकर और नेटवर्क लगाकर ही साफ किया जा सकता है। देखना है प्रशासन और जनप्रतिनिधि कब तक ग्राम धारडी के रहवासियों की परीक्षा लेते हैं।