चित्तौड़गढ़। राज्य के चित्तौड़गढ़ स्थित सैनिक स्कूल में शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया, उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव और प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार ने किया।
स्कूल के इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्राचार्य कर्नल जसरोटिया थे, जबकि कार्यवाहक सीनियर मास्टर डॉ. मंजीत सिंह और कार्यक्रम प्रभारी टोनी अब्राहम ने उनका स्वागत किया।
स्कूल के जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि विज्ञान दिवस के अवसर पर कैडेट्स ने रचनात्मक और नवाचारपूर्ण परियोजनाओं पर आधारित मॉडल तैयार किए, जिन्हें मुख्य अतिथि ने प्रदर्शनी के दौरान देखा। इस प्रदर्शनी का विषय था “साइंटिफिक इनोवेशन के जरिए सस्टेनेबल भविष्य”, जिसमें ग्रीन एनर्जी, उभरती टेक्नोलॉजी, पानी का संरक्षण, रोबोटिक्स और एआई शामिल थे।
विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न हाउस और क्लबों के कैडेट्स ने उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत किए। उदाहरण के लिए:
पद्मिनी हाउस – कार्बन शुद्धिकरण और बायोगैस प्लांट
अशोका द्वितीय हाउस – चंद्रयान-3 और सौरमंडल
अशोका प्रथम हाउस – सब्जियों और अपशिष्ट ऊष्मा से विद्युत उत्पादन
सांगा हाउस – एनर्जी स्मार्ट ग्रिड और अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र
हमीर हाउस – नवीकरणीय ऊर्जा और एयर प्यूरीफायर
एस्ट्रोनॉमी क्लब – अंतरिक्ष स्टेशन मॉडल
इलेक्ट्रॉनिक क्लब – एसकेलेटर मॉडल और वॉटर डिस्पेंसर
लव हाउस – इन्वर्टर सर्किट और हाइड्रोलिक ब्रेक प्रणाली
कुश हाउस – फोटो ब्रेक अलार्म और लुंबिनी गार्डन निकास द्वार
प्रताप हाउस – नवीकरणीय ऊर्जा और अपशिष्ट जल शोधन
जयमल हाउस – एयर प्यूरीफायर और सनलाइट ट्रैकर
बादल हाउस – ग्रीन एनर्जी अलार्म और विद्युत टर्मिनल
कुम्भा हाउस – जलविद्युत उत्पादन और स्वचालित बाइक ब्रेकिंग सिस्टम
दर्शकों ने कैडेट्स द्वारा बनाए गए मॉडल्स की सराहना की।
मुख्य अतिथि कर्नल जसरोटिया ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है, और इससे युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होता है। उन्होंने कैडेट्स से कहा कि डॉ. सी.वी. रमन के जीवन से प्रेरणा लेकर वैज्ञानिक सोच अपनाएं और देश के विकास में योगदान दें।