रतलाम। मंगलवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मंत्री चेतन्य कश्यप के निवास का घेराव करने की कोशिश की। कार्यकर्ता सुबह करीब 11ः30 बजे दो बत्ती चौपाटी पर एकत्र हुए। दोपहर 12 बजे वे स्टेशन रोड स्थित मंत्री के निवास पर ज्ञापन देने के लिए रवाना हुए।
मंत्री के निवास से पहले दिलबहार चौराहे पर पुलिस ने दो स्तर पर बैरिकेडिंग की थी। यहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी खड़ी की गई थी। चौराहे के चारों ओर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
बैरिकेड के सामने सड़क पर बैठे कार्यकर्ता
मंत्री के निवास से पहले लगाए गए बैरिकेड के बाहर एनएसयूआई कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे केवल ज्ञापन देना चाहते हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी नहीं मानने पर पुलिस ने एनएसयूआई जिला अध्यक्ष निलेश शर्मा समेत कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जेल वाहन में बैठा दिया।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
कार्यकर्ताओं ने हिरासत का विरोध करते हुए हंगामा किया। कुछ देर बाद पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। इसके बाद एनएसयूआई प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम तरुण जैन को ज्ञापन सौंपा।
दिलबहार चौराहा रेलवे स्टेशन जाने का प्रमुख मार्ग है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने पहले ही इस रास्ते पर बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया था। इससे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कार्यकर्ताओं से ज्यादा पुलिस बल रहा तैनात
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जबकि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और अधिकारी तैनात थे। जिले की सीमाओं पर भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया था। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया।
प्रदर्शन में युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट, हितेश पैमाल, महेश मालवीय सहित एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।
ये अधिकारी रहे मौजूद
मौके पर एएसपी राकेश पंद्रो, एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी किशोर पाटनवाला, अजय सारवान, आनंद सोनी, गायत्री सोनी समेत शहर के चारों थानों के थाना प्रभारी और जिले के 5 से 7 थाना प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।