चित्तौड़गढ़। बिरला शिक्षा केंद्र में मंगलवार को “दुराचार के विरुद्ध आवाज उठाएं, अपने शरीर और मन की सुरक्षा करें” विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता योगिता पारीक, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे), चित्तौड़गढ़ रहीं।
कार्यक्रम में एडीजे योगिता पारीक ने विद्यार्थियों को दुराचार के विभिन्न स्वरूपों, कानूनी अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा एवं मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार का साहसपूर्वक विरोध करने तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता लेने का आह्वान किया।
विद्यालय की प्राचार्या रेखा यादव ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में कानूनी समझ, आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय में विधिक साक्षरता गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए डॉ. महेश कुमार त्रिपाठी को विधिक साक्षरता क्लब का प्रभारी नियुक्त किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय आशुतोष तिवारी ने किया। कार्यक्रम में करीब 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं प्रभावी रहा।