चित्तौड़गढ़/मैसूर वृंदावन। मैसूर के महाराजा नालवड़ी कृष्णराज वाडियार की पुण्यतिथि पर वृंदावन स्थित समाधि स्थल पर मैसूर सिटीजंस वॉइस द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में राष्ट्रसंत मुनि कमलेश ने कहा कि इतिहास के पन्ने अनमोल होते हैं और महापुरुष अनंत काल तक आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों में विरले ही ऐसे व्यक्तित्व जन्म लेते हैं, जो अपने स्वार्थ की चिंता किए बिना त्याग, बलिदान, सेवा तथा देश, धर्म और समाज की रक्षा के लिए जीवन समर्पित कर देते हैं। ऐसे महापुरुष इतिहास में अमर हो जाते हैं और श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सदैव याद किए जाते हैं।
राष्ट्रसंत मुनि कमलेश ने कहा कि मैसूर के महाराजा ने अपने कार्यों से जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाया। आज मैसूर की पहचान और विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से महाराजा की समाधि को तीर्थस्थल घोषित कर उसके संरक्षण और विकास की जिम्मेदारी लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि को राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त है, उसी प्रकार इस स्थल को भी सम्मान मिलना चाहिए।
कार्यक्रम के संयोजक के. आनंद ने सर्वधर्म सभा का आयोजन किया, जिसमें फादर प्रशांत, महंत गोपीदास, वेंकटेश, कृष्ण कुमार नागराजन, प्रमोद चोरड़िया सहित विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर महाराजा को श्रद्धांजलि अर्पित की।