चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में सोमवार को जिला परिषद स्थित ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) सभागार में फ्लैगशिप योजनाओं, राज्य बजट घोषणाओं (2024-25, 2025-26 एवं 2026-27), संपर्क पोर्टल तथा 181 हेल्पलाइन पर दर्ज लंबित प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तथा बजट घोषणाओं एवं फ्लैगशिप योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) के अधिकारियों से कुसुम-ए योजना, स्मार्ट मीटर स्थापना, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, ढीले बिजली तारों की मरम्मत, ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा, विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइनों के शिफ्टिंग कार्य तथा कृषि विद्युत कनेक्शनों की प्रगति की जानकारी ली गई। जिला कलक्टर ने सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) की समीक्षा में जल अर्पण कार्यक्रम, पेयजल आपूर्ति एवं जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु के दौरान भी पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनी रहे तथा जल जीवन मिशन के कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं।
संपर्क पोर्टल एवं 181 हेल्पलाइन पर दर्ज लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का स्वयं परीक्षण कर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
हरियालो राजस्थान अभियान की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर ने विभागवार पौधारोपण की प्रगति की जानकारी लेकर निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के निर्देश दिए। साथ ही वन विभाग को पौधों के संरक्षण एवं नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक, नगर विकास न्यास सचिव कैलाश गुर्जर, नगर परिषद आयुक्त रविन्द्र यादव सहित शिक्षा, चिकित्सा, विद्युत, कृषि, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सार्वजनिक निर्माण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, उद्योग, जल संसाधन एवं अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।