चित्तौड़गढ़। पावन श्रावण मास के अवसर पर भराड़िया परिवार द्वारा सुंदरकांड पाठ एवं भव्य श्याम संकीर्तन का आयोजन किया गया। देर रात तक चले इस धार्मिक आयोजन में भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के सूत्रधार अशोक भंडारी ने बताया कि आयोजन स्थल पर हर्षित क्रिएशन एवं आराध्य इवेंट्स द्वारा भगवान भोलेनाथ, राम दरबार तथा निकुंभ नरेश के साथ पालने में विराजमान बाबा श्याम की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतापगढ़ के हरी राजस्थानी द्वारा संगीतमय सुंदरकांड पाठ से हुई। इसके बाद मुंबई से आईं प्रसिद्ध भजन गायिका इशरत हिन्दुस्तानी ने "ए री सखी मंगल गावो...", "हम भीड़ नहीं हैं बाबा, हम दीवाने हैं तुम्हारे...", "ये रात कट रही है बाबा तेरा नाम जपते-जपते...", "अंखियों में तू बस जा...", "मेरा भोला है भंडारी...", "मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे, राम आएंगे..." तथा "मुझे अपने ही रंग में रंग दे मेरे यार सांवरे..." सहित अनेक भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। करीब चार घंटे तक चली भजन संध्या में श्रद्धालु भक्ति में झूमते रहे।
इशरत हिन्दुस्तानी और हरी राजस्थानी की जुगलबंदी ने भी कई भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
आयोजन में आस्था मित्र मंडल, श्याम रस महोत्सव समिति, श्याम धाम परिवार चित्तौड़गढ़, श्याम प्रेमी परिवार भीलवाड़ा, हारे के सहारे मित्र मंडल बांसी, सांवरे मित्र मंडल निकुंभ सहित बड़ी संख्या में श्याम भक्त उपस्थित रहे। आयोजक बसंत कुमार, सुमित, हर्षित एवं भराड़िया परिवार ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि शहर के अनेक सनातन परिवार अपने घरों से 56 भोग के विभिन्न व्यंजन तैयार कर लाए, जिन्हें बाबा श्याम, भगवान भोलेनाथ एवं राम दरबार को श्रद्धापूर्वक अर्पित किया गया। इस आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का भी संदेश दिया।