सिंगोली। सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई जरूरतमंद इन योजनाओं के लाभ से अब भी वंचित हैं। नीमच जिले के सिंगोली तहसील अंतर्गत ग्राम परलाई निवासी 32 वर्षीय दिव्यांग शंकरलाल भील पिछले सात वर्षों से सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो दिव्यांग पेंशन मिली और न ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सका है।
दस्तावेज पूरे, फिर भी नहीं मिला लाभ-
शंकरलाल भील के पास नीमच जिला चिकित्सालय द्वारा जारी 40 प्रतिशत लोकोमोटर डिसेबिलिटी का विकलांगता प्रमाण पत्र है। इसके अलावा भारत सरकार का यूडीआईडी कार्ड भी 29 जुलाई 2024 को जारी हो चुका है। इसके बावजूद वे आज भी आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
शंकरलाल का कहना है कि वे कई वर्षों से ग्राम पंचायत सहित संबंधित विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। हर बार आवेदन और दस्तावेज जमा करवाए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी पेंशन और आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
कच्चे मकान में गुजर रहा जीवन-
शंकरलाल भील का घर बेहद खराब स्थिति में है। पत्थर और मिट्टी की दीवारों से बने इस घर की छत पत्तों और तिरपाल से ढकी हुई है। बारिश के मौसम में घर में पानी टपकने लगता है। दिव्यांग होने के कारण उन्हें दैनिक कार्यों में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार शंकरलाल लंबे समय से सरकारी सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं गांव के एक अन्य दिव्यांग बंशीलाल भील के पास भी 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र होने के बावजूद योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की बात सामने आई है।
प्रशासन से मदद की मांग-
स्थानीय समाजसेवी राकेश धाकड़ एवं ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पात्र दिव्यांगजनों को शीघ्र पेंशन, आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है तो यह शासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कलेक्टर नीमच से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।