चित्तौड़गढ़। आगामी विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन को लेकर राष्ट्रीय भील सेना की बैठक रविवार को गांधीनगर स्थित राणा पूंजा भील भवन में आयोजित की गई। बैठक में 11 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम को भव्य, अनुशासित और पारंपरिक स्वरूप में आयोजित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाध्यक्ष मुकेश भील ने बताया कि इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम में डीजे का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर पारंपरिक आदिवासी वाद्य यंत्रों के साथ सांस्कृतिक आयोजन होंगे। कार्यक्रम में प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और समाजजनों को आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके लिए युवा कार्यकर्ताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि अधिक से अधिक समाजजन कार्यक्रम से जुड़ सकें।
बैठक में सहसंयोजक सुनील चौहान भील (निम्बाहेड़ा), जिलाध्यक्ष मुकेश भील (आजोलिया का खेड़ा), तहसील अध्यक्ष कमलेश ऐराल, बस्सी अध्यक्ष हीरालाल नलदा, गंगरार अध्यक्ष कालू सांवता, प्रभु सोकड़िया, पीरूलाल भील, उपसरपंच कालू चेनपुरिया, युवा अध्यक्ष भूरालाल जवासिया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।