उज्जैन। मध्यप्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं उज्जैन उत्तर से छह बार विधायक रहे पारस जैन का सोमवार सुबह 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उपचाररत थे। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति और भाजपा संगठन में शोक की लहर दौड़ गई।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार पारस जैन का पार्थिव शरीर इंदौर से उज्जैन लाया जा रहा है। उनकी अंतिम यात्रा सोमवार दोपहर 2 बजे अरिहंत नगर स्थित निवास (हिरामिल मार्ग) से निकलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने उज्जैन पहुंचेंगे।
तीन दिन पहले ग्रहण किया था संथारा-
परिजनों के अनुसार पारस जैन ने तीन दिन पूर्व जैन परंपरा के अनुसार संथारा (सल्लेखना) ग्रहण किया था। उन्होंने जीवनकाल में नेत्रदान, देहदान एवं चर्मदान का संकल्प भी लिया था। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप अंतिम संस्कार से पूर्व दान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
छह बार रहे विधायक, पूर्व मंत्री के रूप में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
पारस जैन उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक निर्वाचित हुए और मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। भाजपा संगठन में वे वरिष्ठ एवं अनुभवी नेताओं में शुमार थे। जनसंपर्क, संगठनात्मक कार्यशैली और सरल व्यक्तित्व के कारण उनकी अलग पहचान थी।
2023 में नहीं मिला था टिकट-
विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने उन्हें उज्जैन उत्तर सीट से टिकट नहीं दिया था। इसके बावजूद वे पार्टी संगठन और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय बने रहे। पारस जैन के निधन पर भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।