मंदसौर। विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 5 बजे मंदिर के पट खुलते ही मंगला आरती के साथ दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो पूरे दिन जारी रहा।
सुबह 6 बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने भगवान पशुपतिनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठा।
सावन के पहले सोमवार के अवसर पर दोपहर में विशेष पूजा-अर्चना एवं महाआरती का आयोजन किया गया। शाम को संध्या आरती, शिव भजन-कीर्तन तथा रात्रि में शयन आरती के बाद निर्धारित समय पर मंदिर के पट बंद किए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रखा गया। भक्तों ने कतारबद्ध होकर बाहर से ही भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन किए।
मंदिर के पुजारी राकेश भट्ट ने बताया कि सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। भगवान पशुपतिनाथ का विशेष श्रृंगार किया गया है और भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें सुगम दर्शन व्यवस्था, वाटरप्रूफ टेंट, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा इंतजाम एवं कारपेटिंग सहित अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।