मनासा। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जिला एवं तहसील न्यायालयों में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं न्यायालय से जुड़े हितधारकों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण के उद्देश्य से संचालित उल्लास - एक अभिनव प्रयोग कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार को तहसील न्यायालय मनासा में निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विरेन्द्र सिंह राजपूत के मार्गदर्शन तथा प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार प्रजापति के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में न्यायिक अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारी, अधिवक्ता एवं पक्षकारों सहित 100 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने विभिन्न स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श भी दिया।
शिविर का उद्देश्य न्यायालय परिवार एवं न्यायालय से जुड़े सभी हितधारकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष यादव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ खंड) राकेश कुमार मरावी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ खंड) भूपेन्द्र आर्य तथा प्रथम व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ खंड) रौनक पाटीदार सहित न्यायालयीन कर्मचारी, अधिवक्ता एवं बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर दिनेश कुमार प्रजापति ने कहा कि उच्च न्यायालय की परिकल्पना के अनुरूप उल्लास - एक अभिनव प्रयोग का उद्देश्य न्यायालयों में सकारात्मक, स्वस्थ एवं सहयोगपूर्ण कार्य संस्कृति का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए स्वास्थ्यवर्धक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।