चित्तौड़गढ़। सावन मास के प्रथम सोमवार पर गंभीरी नदी तट स्थित खरड़ेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अलसुबह से ही भगवान शिव के रुद्राभिषेक, पूजन-अर्चन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
इस अवसर पर भगवान खरड़ेश्वर महादेव का तिरुपति बालाजी स्वरूप में भव्य एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। महाआरती के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर परिसर दिनभर हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान रहा।
सावन के पहले सोमवार पर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दो क्विंटल खीर, 51 किलोग्राम मावा तथा चार क्विंटल केले के प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
भजन संध्या में भक्तिरस की बही सरिता-
सावन मास के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर में बादलों की गंगा ग्रुप द्वारा प्रतिदिन भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को आयोजित भजन संध्या में गायक माही जोशी, अभिनंदन काबरा, अभिषेक मूंदड़ा, सुमित हेड़ा एवं अशोक जोशी ने शिव भक्ति से ओतप्रोत भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। "मेरे उज्जैन के महाकाल", "वीर हनुमान" तथा "जगन्नाथ चखा नैन" जैसे लोकप्रिय भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक भक्तिरस में सराबोर होकर झूमते रहे।
प्रतिदिन अलग-अलग स्वरूप में हो रहा है महादेव का श्रृंगार-
खरड़ेश्वर महादेव सेवा पूजा संस्थान के सहमंत्री देवराज साहू ने बताया कि सावन मास में प्रतिदिन भगवान महादेव का अलग-अलग स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। भांग, काजू, बादाम, विभिन्न प्रकार के पुष्पों तथा आकर्षक रंगोलियों से मंदिर को सजाया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
16 अगस्त को निकलेगी भव्य शाही सवारी-
संस्थान की ओर से आगामी 16 अगस्त को भगवान खरड़ेश्वर महादेव की भव्य शाही सवारी निकाली जाएगी। सायं 6:30 बजे गांधी चौक से प्रारंभ होने वाली शाही सवारी शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पहुंचेगी, जहां महाआरती का आयोजन होगा। शाही सवारी में ऊंट, घोड़े, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे तथा सजीव धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
कौमी एकता की मिसाल बना मंदिर परिसर-
खरड़ेश्वर महादेव मंदिर में सावन पर्व के दौरान कौमी एकता की अनूठी मिसाल भी देखने को मिल रही है। समाजसेवी इकबाल गुलशन द्वारा मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा से रोशन किया गया है। वे पिछले कई वर्षों से सावन मास, महाशिवरात्रि एवं दीपावली जैसे पर्वों पर मंदिर की नि:स्वार्थ विद्युत सज्जा कर धार्मिक सौहार्द और सामाजिक समरसता का संदेश दे रहे हैं।