मनासा। किसानों को टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सॉलिडारिडाड संस्था द्वारा क्षेत्र में साप्ताहिक कृषि चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से किसानों को पुनर्याेजी कृषि के महत्व, लाभ एवं व्यवहारिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
चौपाल में विशेषज्ञों ने मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, जैविक खादों के उपयोग, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, फसल विविधीकरण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। साथ ही रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर किसानों को जैविक एवं पुनर्याेजी पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में पुनर्याेजी कृषि के प्रमुख सिद्धांतों जैसे मिट्टी का न्यूनतम हस्तक्षेप, मिट्टी को ढककर रखना, फसल विविधता बढ़ाना, जीवित जड़ों का संरक्षण तथा पशुपालन के एकीकरण पर विशेष जोर दिया गया।
चौपाल में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए और नई तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखाई। संस्था प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।