नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा एवं नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार जिले में मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान लगातार जारी है। अभियान के तहत विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 22 जुलाई 2026 को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने ग्राम दुधलाई (तहसील रामपुरा) स्थित एम/एस श्री सांवरिया मिल्क प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट प्रभारी कमलेश कुमार जाट की उपस्थिति में 5000 लीटर क्षमता की बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) संचालित पाई गई, जिसमें लगभग 4000 लीटर मिश्रित दूध का संग्रहण, भंडारण एवं मानव उपभोग के लिए विक्रय किया जा रहा था।
जांच के दौरान संबंधित खाद्य अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्रस्तुत करने के लिए कहा गया, लेकिन केवल परिवहन संबंधी खाद्य पंजीयन ही उपलब्ध कराया गया। दूध के संग्रहण एवं विक्रय के लिए आवश्यक वैध खाद्य लाइसेंस नहीं पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 28 जुलाई 2026 को प्लांट प्रभारी कमलेश कुमार जाट एवं संचालक दिनेश कुमार जाट के विरुद्ध अपर कलेक्टर न्यायालय, जिला नीमच में प्रकरण प्रस्तुत किया है। अधिनियम के तहत बिना खाद्य अनुज्ञप्ति खाद्य कारोबार संचालित करने पर अधिकतम 10 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है।
वहीं, 29 जुलाई 2026 को रावण रूंडी, नीमच स्थित जोगमाया सेल्स का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यहां मानव उपभोग के लिए विक्रय किए जा रहे प्रभु श्री घी एवं श्डीएफ गोल्ड घीश् के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिए गए हैं। दोनों नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उक्त कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी, यशवंत कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा की गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में मिलावटी एवं अमानक खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष जांच एवं सैंपलिंग अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।