पोलायकलां। ग्राम खड़ी स्थित प्राचीन महाकाल मंदिर में धार्मिक आस्था और भक्ति के वातावरण के बीच सप्त दिवसीय यज्ञ एवं कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। विशेष बात यह है कि यह धार्मिक आयोजन गांव में लगातार पिछले 33 वर्षों से श्रद्धा और परंपरा के साथ आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के प्रथम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। यज्ञाचार्य पंडित घनश्याम जी महाराज ने यजमानों से पूजन-अर्चन एवं हवन संपन्न करवाया। मंत्रों की गूंज से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा। यजमानो ने यज्ञ में आहुति देकर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
वहीं कथा वाचक पंडित राजेश जी शर्मा ने कथा के दौरान मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का मनुष्य अपने जीवन और सांसों का मूल्य समझना भूल गया है। उन्होंने कहा कि “मनुष्य बिना उद्देश्य के जीवन व्यतीत कर रहा है और ईश्वर द्वारा दी गई अमूल्य सांसों को व्यर्थ में नष्ट कर रहा है। जीवन का सही उद्देश्य धर्म, भक्ति, सेवा और अच्छे कर्मों में लगना चाहिए।”
उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि सांसें सीमित हैं, इसलिए हर व्यक्ति को अपने जीवन का सदुपयोग करना चाहिए। धर्म और संस्कार ही मनुष्य को सही मार्ग दिखाते हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और भगवान महाकाल के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।
आयोजन समिति ने बताया कि सात दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन कथा, हवन, भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गांव में लगातार 33 वर्षों से आयोजित हो रहा यह धार्मिक अनुष्ठान क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र बना हुआ