प्रतापगढ़। जिले में आज दोपहर अचानक बदले मौसम के बाद तेज बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब दो घंटे तक लगातार जारी रहा। भारी बारिश के चलते शहर सहित जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर पानी भरने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, लेकिन लगातार बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।
सुबह तेज धूप निकलने के बाद उमस से लोग परेशान थे। दोपहर होते-होते आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में शहर के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। तिरंगा चौराहा, एमजी रोड, बस स्टैंड और नीमच रोड सहित कई इलाकों में जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई और कई जगह आवागमन भी प्रभावित रहा।
भारी बारिश के चलते कई दुकानों और मकानों में भी पानी घुस गया। वहीं, नीमच रोड स्थित शारदे बालिका छात्रावास के पास बनी बाउंड्री वॉल तेज बारिश के बीच भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
लगातार हुई बारिश के बाद जिले के नदी-नालों में भी पानी की जोरदार आवक हुई है। करीब दो घंटे में 30 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान है। जिले में इस मानसून सीजन में अब तक औसत बारिश की करीब 35 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। आंकड़ों के अनुसार अरनोद में सर्वाधिक 517 मिलीमीटर, जबकि पीपलखूंट में सबसे कम 289 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं प्रतापगढ़ में 325, छोटी सादड़ी में 332, धरियावद में 360, सुहागपुरा में 333 और दलोट में 303 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने आमजन से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की अपील की है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की सलाह दी गई है।