चित्तौड़गढ़। पुलिस मुख्यालय, राजस्थान के निर्देशानुसार संचालित "महिला सुरक्षा संकल्प – Safety and Dignity for Every Woman" अभियान के अंतर्गत बुधवार को चित्तौड़गढ़ जिले में महिला सुरक्षा एवं जनजागरूकता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के तहत पुलिस लाइन में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह द्वारा कालिका पेट्रोलिंग यूनिट एवं जिले की समस्त महिला पुलिसकर्मियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही शहर के प्रमुख मार्गों पर जागरूकता पैदल मार्च निकालकर आमजन को महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन एवं योजनाओं की जानकारी दी गई।
संवाद कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने महिला पुलिसकर्मियों से सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, छेड़छाड़, स्टॉकिंग तथा महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से फील्ड में आने वाली चुनौतियों एवं अनुभवों की जानकारी ली तथा महिला सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी प्राप्त किए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक महिला पुलिसकर्मी संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई एवं प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास और अधिक सुदृढ़ करे। साथ ही कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की एसओपी एवं महिला बीट अधिकारी योजना को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर भी जोर दिया।
संवाद कार्यक्रम के पश्चात महिला सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागरूकता पैदल मार्च का आयोजन किया गया। यह पैदल मार्च चित्तौड़गढ़ शहर में गोल प्याऊ से प्रारंभ होकर पावटा चौक, सदर बाजार एवं गांधी चौक होते हुए पुनः गोल प्याऊ पहुंचकर संपन्न हुआ। मार्च के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने आमजन को राजकॉप सिटीजन एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया तथा महिला गरिमा हेल्पलाइन, साइबर हेल्पलाइन, महिलाओं से संबंधित कानूनों, उनके अधिकारों एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया। साथ ही महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार एवं सुरक्षित सामाजिक वातावरण बनाए रखने का संदेश भी दिया गया।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने आमजन से महिला सुरक्षा संबंधी किसी भी घटना की तत्काल पुलिस को सूचना देने तथा पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं एवं हेल्पलाइन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा, यातायात प्रभारी मोतीराम संचित निरीक्षक, रिजर्व पुलिस लाइन अनिल पाण्डे, महिला थाना अधिकारी रेणु, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट तथा जिले की समस्त महिला पुलिसकर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं के प्रति सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना, महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों एवं योजनाओं के प्रति जनजागरूकता फैलाना तथा पुलिस एवं आमजन के बीच विश्वास एवं समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना है।