नीमच। "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत आयोजित पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले के बाद बुधवार को विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। मैच समाप्त होने के बाद दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। घटना के बाद एनएफए (NFA) टीम के खिलाड़ी एवं समर्थक बड़ी संख्या में कैंट थाने पहुंचे और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, सेमीफाइनल का दूसरा मुकाबला एनएफए और अहीर स्पोर्ट्स के बीच खेला गया, जिसमें एनएफए ने 1-0 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। मैच समाप्त होने के तुरंत बाद विवाद उत्पन्न हो गया।
एनएफए टीम के खिलाड़ियों का आरोप है कि अहीर स्पोर्ट्स टीम के कुछ खिलाड़ियों एवं समर्थकों ने उन पर लोहे की रॉड, कुर्सियों, बैरिकेड एवं घूंसों से हमला किया। टीम का कहना है कि घटना में कई खिलाड़ी घायल हुए हैं तथा पुलिस को दिए गए आवेदन में नौ लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है। घटना के बाद मैदान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
एनएफए के खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद था, बावजूद इसके समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई। खिलाड़ियों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला नहीं खेलेंगे।
खिलाड़ियों ने यह भी आरोप लगाया कि टूर्नामेंट आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारियों ने भी समय पर हस्तक्षेप नहीं किया। उनका कहना है कि पूर्व में आयोजित बैठक में स्पष्ट किया गया था कि टूर्नामेंट के दौरान विवाद करने वाली टीम के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पुलिस कप फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत युवाओं को खेलों के माध्यम से नशे से दूर रहने का संदेश देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ऐसे में खेल मैदान में हुई इस घटना ने आयोजन की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, एनएफए टीम के खिलाड़ी एवं समर्थक कैंट थाने पहुंचकर मामले में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही थी।