नीमच। उपपंजीयक कार्यालय को कलेक्टर कार्यालय परिसर से तहसील कार्यालय में स्थानांतरित किए जाने की संभावित प्रक्रिया का जिला सर्विस प्रोवाइडर एवं पंजीयन अधिवक्ता संघ ने कड़ा विरोध किया है। मंगलवार को संघ के पदाधिकारी, अधिवक्ता एवं सर्विस प्रोवाइडर्स बड़ी संख्या में कलेक्टर एवं पंजीयक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपते हुए स्थानांतरण आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
जनहित के विपरीत निर्णय बताया-
संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि उपपंजीयक कार्यालय लंबे समय से कलेक्टर कार्यालय परिसर में सुचारू रूप से संचालित हो रहा है, जहां आम नागरिकों, पक्षकारों एवं सेवा प्रदाताओं को सभी सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हैं। ऐसे में कार्यालय को तहसील परिसर में स्थानांतरित करना अव्यवहारिक एवं जनहित के विपरीत होगा।
तहसील भवन में अव्यवस्था बढ़ने की आशंका-
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि तहसील कार्यालय पहले से ही स्थान एवं संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में उपपंजीयक कार्यालय के स्थानांतरण से वहां अव्यवस्था और बढ़ने की संभावना है। संघ ने कहा कि इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, गंभीर मरीजों तथा एम्बुलेंस या स्ट्रेचर से आने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
दो स्थानों पर भटकने की स्थिति-
संघ के अनुसार वर्तमान में अधिवक्ताओं एवं सेवा प्रदाताओं के कार्यालय तथा आवश्यक दस्तावेजी संसाधन कलेक्टर कार्यालय परिसर के आसपास ही उपलब्ध हैं। यदि कार्यालय को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया गया तो आमजन को दो स्थानों पर भटकना पड़ेगा, जिससे समय, धन एवं श्रम की हानि होगी।
निर्णय पर रोक की मांग-
संघ पदाधिकारियों ने मांग की है कि उपपंजीयक कार्यालय के प्रस्तावित स्थानांतरण आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए। ज्ञापन के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता, सर्विस प्रोवाइडर एवं संघ के सदस्य उपस्थित रहे।