जावरा। जावरा क्षेत्र के गेहूं उपार्जन केंद्रों पर इन दिनों किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तौल कांटों की कमी, सर्वर संबंधी तकनीकी समस्याओं तथा बारदानों की किल्लत के कारण पंजीयन एवं गेहूं तुलाई की प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है। स्थिति यह है कि किसानों को अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कई-कई दिनों तक केंद्रों पर इंतजार करना पड़ रहा है।
राहुल एग्रो केंद्र पर 3-4 दिन का इंतजार
जानकारी के अनुसार जावरा के राहुल एग्रो उपार्जन केंद्र पर किसानों को गेहूं तुलाई के लिए लगभग 3 से 4 दिन तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। करीब 42 डिग्री तापमान और भीषण गर्मी में किसान खुले आसमान के नीचे अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
किसानों ने लगाए अव्यवस्था के आरोप
किसानों का कहना है कि उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में तौल कांटे उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण प्रतिदिन सीमित मात्रा में ही गेहूं की तुलाई हो पा रही है। वहीं सर्वर की धीमी गति एवं तकनीकी खराबी के कारण पंजीयन कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उपार्जन केंद्रों पर अतिरिक्त तौल कांटों की व्यवस्था की जाए, सर्वर समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए तथा बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को इस भीषण गर्मी में अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से इस ओर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।