प्रतापगढ़। जिला चिकित्सालय में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का कार्य वर्ष 2023 में पूरा होकर हैंडओवर होना था, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी परियोजना अधूरी पड़ी है। अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार एसटीपी का निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा नहीं होने के कारण अस्पताल से निकलने वाला विषाणु एवं जीवाणु युक्त गंदा पानी सीधे नालों में बह रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को भी परियोजना की वास्तविक स्थिति की पूरी जानकारी नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार बिना उपचारित मेडिकल वेस्ट और दूषित पानी का खुले नालों में जाना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है। इससे जल स्रोतों के दूषित होने के साथ-साथ संक्रामक रोग फैलने की आशंका भी बनी रहती है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाला यह प्लांट आखिर कब तक अधूरा रहेगा और जनता को इस समस्या से कब राहत मिलेगी।