नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को किसानों की फार्मर आईडी बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि प्रत्येक पटवारी प्रतिदिन न्यूनतम 10 किसानों की फार्मर आईडी बनाए। तहसीलदार एवं एसडीएम नियमित रूप से इसकी निगरानी और समीक्षा करें।
बैठक में वनमंडलाधिकारी एस.के. अटोदे, एडीएम बी.एस. कलेश, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी तहसीलदार राजस्व के 20-20 बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर कलेक्ट्रेट भेजें और बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करें।
राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान उन्होंने सीमांकन से जुड़े सभी लंबित प्रकरणों का 15 जून से पहले शत-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही बंटवारे संबंधी मामलों का भी समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने एडीएम एवं सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे हर माह अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण करें तथा निराकृत प्रकरणों की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही वर्तमान माह में निराकृत पांच-पांच प्रकरणों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में 3 से 6 माह से लंबित प्रकरणों की तहसीलवार समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तीन माह से अधिक अवधि का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। नक्शा त्रुटि सुधार के मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए।
वन व्यवस्थापन कार्य में तेजी लाने के निर्देश-
वन-राजस्व सीमा संबंधी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि वन व्यवस्थापन कार्य प्राथमिकता से किया जाए। एसडीएम एवं वन विभाग के एसडीओ संयुक्त भ्रमण कर प्रकरणों का निराकरण करें। वन विभाग ने बताया कि जिले में 18 वन खंडों में व्यवस्थापन कार्य किया जाना है। कलेक्टर ने डीएफओ को नवीन प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।