सागर/भोपाल। मध्यप्रदेश में निजी बस परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक रविवार को सागर में आयोजित हुई, जिसमें प्रदेश के 55 जिलों के बस संचालकों ने सर्वसम्मति से सरकार को 7 अगस्त तक का अल्टीमेटम देने का निर्णय लिया। मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 8 अगस्त की रात 12 बजे से प्रदेशभर में निजी बसों का संचालन बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री जय कुमार जैन ने बताया कि आदर्श गार्डन, सागर में आयोजित बैठक में सात सूत्रीय एजेंडे पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें पिछले कई वर्षों से लंबित बस किराया वृद्धि का मुद्दा प्रमुख रहा। बस संचालकों का कहना है कि वर्ष 2021 में डीजल की कीमत लगभग 69 रुपये प्रति लीटर थी, जो वर्तमान में 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो चुकी है, लेकिन बस किराए में अब तक कोई संशोधन नहीं किया गया है। जबकि पड़ोसी राज्यों में कई बार किराया बढ़ाया जा चुका है और हाल ही में महाराष्ट्र में भी बस किराया लगभग 2 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर तक बढ़ाया गया है।
बैठक में 7 जुलाई 2026 को प्रकाशित राजपत्र के माध्यम से प्रस्तावित राष्ट्रीयकरण योजना का भी विरोध किया गया। बस संचालकों का कहना है कि यह योजना निजी बस ऑपरेटरों और उनके परिवारों के भविष्य को प्रभावित करेगी, इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त टेंडर के माध्यम से रॉयल्टी वसूली की प्रक्रिया समाप्त करने, पूर्व में पंजीकृत वाहनों को वैध मानने, परिवहन कार्यालयों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने तथा 15 वर्ष पुराने स्टेज कैरिज वाहनों की आयु सीमा समाप्त कर उनकी फिटनेस अवधि तक परमिट जारी रखने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी गई है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि 7 अगस्त तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 8 अगस्त की रात 12 बजे से प्रदेशभर में निजी बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।